कीकली रिपोर्टर, 3 दिसंबर, 2018, शिमला

जिला में बाल मजदूरी को रोकने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में 125 निरीक्षण कार्य संचालित किये जा चुके हैं। यह जानकारी आज उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने बालश्रम पुनर्वास कार्यदल समिति की जिला स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए यहां दी। कश्यप ने बताया कि इस निरीक्षण कार्य के तहत पांच बच्चों को छुड़वाकर उनका पुनर्वास किया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 15 मामले न्यायालय में चल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि संबद्ध विभाग बालश्रम के मामलों से निपटने के लिए तीव्रता से कार्य करे तथा मालिकों के प्रति कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा कि जिला में प्रत्येक स्तर पर जांच व निगरानी कार्य में तेजी लाए जाए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों व कार्य करने वाले कर्मचारियों को नियमित तौर पर जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक जानकारी प्रदान कर प्रशिक्षित किया जाए। 

उन्होंने कहा कि इस कार्य की व्यापकता तथा लोगों को जानकारी प्रदान करने के लिए प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक जागरूकता प्रचार सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को बालश्रम अपराध के प्रति अधिक से अधिक जानकारी मिल सके। 

बैठक में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) प्रभा राजीव, उपमंडलाधिकारी शिमला शहरी नीरज चांदला, उपमंडलाधिकारी ग्रामीण नीरज गुप्ता, श्रम, शिक्षा व संबद्ध विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। 

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