कीक्ली रिपोर्टर, 17 मार्च, 2017, शिमला

उपायुक्त शिमला अमित कश्यप की अध्यक्षता में आज बाल संरक्षण अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी की बैठक आयोजित की गई। कश्यप ने कहा कि बाल संरक्षण अधिनियम को संवेदनशील बनाने के लिए समाचार पत्रों व इलैक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार व प्रसार किया जाए। बैठक में बाल मजदूरी को रोकने के लिए पूर्व में किए गये कार्यो पर विस्तृत चर्चा की गई।

उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी की अध्यक्षता में जल्द ही सेमीनार का आयोजन किया जाएगा। इसमें विभिन्न विभागों के अधिसूचित निरीक्षकों को बाल एवं किशोर अधिनियम 1986 और संशोधित अधिनियम 2016 के कार्यान्वयन बारे विस्तृत जानकारी व दिशा निर्देश दिए जाएंगें। उन्होंने कहा कि समाज में बाल मजदूरी को रोकने व इस सम्बन्ध में जागरूक करने के लिए जिला में उपायुक्त कार्यालय परिसर, उपमंडलाधिकारी कार्यालय परिसर, बस स्टैंडों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों में होर्डिंग लगाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि समाज में बालमजदूरी को पूरी तरह रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएं जाएंगें तथा बाल श्रमिकों के पुर्नवास के सम्बन्ध में समुचित कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार के श्रम के लिए नहीं लगाया जा सकता है तथा 14 से उपर या 18 वर्ष से कम आयुवर्ग के किशोरों को केवल पांच घंटे के लिए ही मजदूरी करवाई जा सकती है। इस दौरान ऐसे किशोर मजदूरों की पढाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि ऐसे किशोरों को शिक्षा ग्रहण करने में कोई बाधा न हो।

उन्होंने कहा कि सम्बद्ध विभाग व समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य बनता है कि बाल मजदूरी के अभिशाप के उन्मूलन में अपना दायित्व सुनिश्चित करें। बैठक में सचिव, जिला विधिक सेवा अधिकरण विवेक शर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून व व्यवस्था प्रभा राजीव, उपमंडलाधिकारी नीरज चांदला, अनिल शर्मा, उपमंडलाधिकारी ठियोग मोहन दत, डीएसपी शिमला बलवीर जसवाल, जिला श्रम अधिकारी शिमला प्रताप सिंह वर्मा तथा रामपुर चन्द्रमणि शर्मा, जिला रोजगार अधिकारी संगीता गुप्ता के अतिरिक्त अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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