Swaran Public School

कीकली रिपोर्टर, 19 अप्रैल, 2019, शिमला

स्पेस ओलंपियाड में मैरिट सर्टिफिकेट हासिल कर सोनाक्षी ने बढ़ाया स्वर्ण स्कूल का मान

मौजूदा परिवेश में बढ़ती प्रतियोगिता ने स्कूलों पर दोहरी जिम्मेवारी डाल दी है । एकैडेमिक स्टडि के साथ स्कूली बच्चों के चहुमुखी विकास के लिए एक्सट्रा करिकूलर ऐक्टिविटीज़ को तरजीह देना न केवल स्कूलों की मजबूरी बन गया है बल्कि इस बदलाव पथ पर अग्रसर होना विद्यार्थियों और स्कूलों की सफलता का आवश्यक आधार बनकर उभरा है ।

Swaran Public Schoolसमय की इसी पुकार के साथ कदम से कदम मिलाते हुए स्वर्ण पब्लिक स्कूल इस वर्ष बच्चों की अतिरिक्त ऐक्टिविटीज़ में और अधिक तेजी के साथ आगे बढ़ा है । स्कूल में अप्रैल माह में बच्चों के लिए स्टोरी टेलिंग, ड्रग अवेयरनेस वर्कशॉप के साथ-साथ स्लोगन, पोएट्री, हिमाचल क्विज़, इंग्लिश डेकलेमेशन ऑन अर्थ जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित कर बच्चों का कॉन्फ़िडेंस लैवल बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा ।

Swaran Public Schoolस्वर्ण पब्लिक स्कूल प्रधानाचार्या सीमा मेहता के अनुसार बच्चों का सम्पूर्ण विकास ही स्कूल का मुख्य दायित्व है । प्रधानाचार्या के अनुसार इस तरह के आयोजन बच्चों पर अच्छा प्रभाव डालते हैं । बच्चे पोजिटिव रिस्पौंस दिखाकर संबन्धित विषय पर अध्यापकों के साथ वाद-विवाद कर प्रशन पूछते हैं, जिससे बच्चों में अभिव्यक्ति की निपुणता विकसित होती है तो वहीं बच्चों में आत्मविश्वास की भावना जागृत होने में भी सहायता मिलती है ।

इसी कड़ी में स्कूल प्रधानाचार्या सीमा मैहता ने कीकली से बात करते हुए कहा कि केवल स्कूली पढ़ाई के साथ बच्चा कहीं पिछड़ न जाए इसलिए बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ एक्सट्रा प्रेक्टिकल एक्टिविटीज़ की ओर ले जाना बेहद आवश्यक है । प्रधानाचार्या ने कहा कि मुझे खुशी है और ये बताते हुए हर्ष महसूस हो रहा है कि राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित साईंस वर्कशॉप स्पेस ओलंपियाड में राज्य भर के 60 स्कूली प्रतिभागियों में स्वर्ण स्कूल कि 5 वीं कक्षा कि छात्रा सोनाक्षी 2nd लैवल पार कर स्पेस ओलंपियाड में मैरिट सर्टिफिकेट हासिल करने में कामयाब रही । इस दौरान सोनाक्षी ने वर्क शॉप में अंतरिक्ष गतिविधियों के साथ-साथ स्टार व सैटेलाइट संबन्धित ज्ञान अर्जित किया । ये सम्मान हासिल कर सोनाक्षी ने न केवल अपने अभिभावकों का सिर गर्व से ऊंचा किया बल्कि स्वर्ण स्कूल का भी मान बढ़ाया । प्रधानाचार्या ने कहा कि ऐसे आयोजनों का हिस्सा बनकर बच्चों का आत्मविश्वास आसमान छू कर उन्हें ये आभास कराता है कि वे किसी से कम नहीं हैं और वे अधिक तेजी से आगे बढ़कर सफलता के इतिहास रचने के लिए सदा तत्पर रहते हैं ।

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