कुलदीप वर्मा, कीकली रिपोर्टर, 23 जुलाई, 2019, शिमला

औकलैंड हाउस ब्वायज़ स्कूल में नवगठित पी.टी.ए. गठन का विवाद गहराता जा रहा है । आरोप प्रत्यारोप के बीच नवगठित पी.टी.ए. प्रेज़ीडेन्ट राजेश मंढोत्रा ने पी.टी.ए. गठन प्रक्रिया पर विजेंद्र मेहरा द्वारा उठाए गए सवालों और आरोपों को निराधार बताते हुए विजेंद्र मेहरा को सरासर झूठा करार दिया है।

नवगठित पी.टी.ए. प्रधान राजेश मंढोत्रा ने कीकली से बात करते हुए कहा कि, “विजेंद्र मेहरा पी.टी.ए. प्रधान बनना चाह रहे थे जिसके लिए कोई सपोर्ट न मिलने पर उन्होंने बैठक के बाद रोष स्वरूप ये कदम उठाया, उन्होंने कहा कि विजेंद्र मेहरा पी.टी.ए. कि हर बैठक में आएँ और उनकी जो भी जायज बात होगी वो सुनी जाएगी और आगे पहुंचाई जाएगी, लेकिन यदि विजेंद्र मेहरा चाहते हैं कि हम उनके कहने पर नारे लगाएँ तो उनके कहने पर हम नारे नहीं लगाएंगे।’’

उन्होंने कहा की पी.टी.ए. की गठन प्रक्रिया को एक सरकारी आब्जर्वर की मौजूदगी में नियमों के तहत पूरा किया गया है । उन्होंने कहा कि अभिभावकों कि समस्याओं को स्कूल प्रबंधन के समक्ष मजबूती के साथ रखकर समस्याओं के समाधान की पूरी कोशिश कि जाएगी । राजेश ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में औकलैंड में थोड़ी फीस का इजाफा हुआ है वहीं पिकनिक और टूअर फंड मुद्दों पर भी पारदर्शिता लाई जाएगी ।

उधर मामले पर विजेंदर मेहरा ने पी.टी.ए. प्रधान राजेश के ब्यान को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि जो पूर्व से मिनिमम वेजिज़ स्टेट एडवायजरी कमेटी के सदस्य के रूप में एक बड़े मंच पर सक्रिय रहा हो वह एक स्कूल की छोटी सी पी.टी.ए. कमेटी प्रेज़ीडेन्ट पद की चाहत नहीं रखता जबकि दोनों प्रधान और सदस्य समान रूप से अपनी बात रखने का अधिकार रखते हैं । मेहरा ने कहा कि जहां तक नारे लगाने की बात है तो बैठकों में कभी नारे नहीं लगा करते इन बातों से ये प्रमाणित होता है कि ये मैनेजमेंट के स्पोंसर कैंडीडेट थे । डायरेक्ट इलैक्शन नहीं होना, रिज़र्वेशन करना व सामान्य से रोस्टर की ओर न बढ़ना यह दर्शाता है कि औकलैंड पी.टी.ए. इलैक्शन फिक्स था जिसमें सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं ।

विजेंद्र मेहरा ने कहा कि पी.टी.ए. के मामले में डायरेक्टर हायर एजुकेशन सुनिश्चित करे कि ये चुनाव फ्री एंड फेयर हों ताकि मैनेजमेंट द्वारा लोगों को प्रभावित करने के क्रम पर रोक लग सके ।

मेहरा ने कहा कि छात्र अभिभावक मंच पूर्व से ही फीस कंट्रोल और पी.टी.ए. गठन की विशेष मांग की लड़ाई लड़ता आ रहा है और इन मुद्दों पर इमोशनल तौर पर जुड़े होने के चलते किसी भी तरह के कोर्ट मामले के बनने से पी.टी.ए. गठन पर किसी भी तरह के स्थगन की संभावना के चलते औकलैंड में मौके पर आंदोलन का रुख नहीं अपनाया गया । उन्होंने कहा कि चुनाव का ये पैट्रन ठीक नहीं है और ये विरोध जारी रहेगा जल्द ही छात्र अभिभावक मंच एक मीटिंग बुलाएगा और जरूरत पड़ी तो इन मुद्दों को लेकर विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा ।

उधर औकलैंड हाउस ब्वायज़ स्कूल प्रधानाचार्य माइकल ए. जॉन ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया का पूर्णत: पालन किया गया है । सरकारी आब्जर्वर, ईवनिंग कॉलेज के प्रधानाचार्य की मौजूदगी में फेयर तरीके से चुनाव संपन किए गए हैं । प्रधानाचार्य ने कहा कि विजेंद्र मेहरा के गाईंडलाइन न अपनाए जाने के आरोप गलत हैं, निराधार हैं । जॉन ने कहा कि तारा हाल के तरीके से ही चुनाव हुए हैं, जिन लोगों को कुछ कहना होता है, वो बोलते रहते हैं । प्रधानाचार्य ने कहा कि स्कूल को बेवजह बदनाम करना ठीक नहीं है । उन्हें जो फैसला लेना है वो लें, चुनावी एजेंडा भी क्लियर था स्क्रीन के माध्यम से एजेंडा डिस्प्ले किया जा रहा था, ये सब झूठी बाते हैं, झूठे इल्जाम हैं, हम क्लियर हैं, हमारी तरफ से कोई विवाद नहीं ।

उधर शहर का आम जनमानस और अभिभावक वर्ग इस धीरे-धीरे सुलगते मुद्दे पर हैरान और परेशान है । आम आदमी, छात्र और अभिभावक व स्कूल प्रबंधन की समस्याओं के समाधान के लिए बनाई गई कमेटी में जारी इस लड़ाई को देखकर हक्का-बक्का है I एक ऐसा भी पक्ष सामने आया की बहुत से माता पिता ने इस पहल की सराहना की, पी.टी.ए. चुनाव प्रणाली को सही बताया तथा कहाँ की अब पेरेंट्स को भी अपनी बात मैनेजमेंट के सामने रखने का   मौका मिलेगा I

आने वाला वक़्त ही बताएगा की मेहरा की बात में कितना सच्च या झूट है, या फिर एक नयी शुरुआत के साथ प्रेज़ीडेन्ट राजेश मंढोत्रा की कमान के अंतर्गत ऑकलैंड बॉयज स्कूल एक नयी राह पकड़ेगा I

Auckland House forms PTA — Full Report 

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