कुलदीप वर्मा, कीकली रिपोर्टर, सितम्बर, 2019, शिमला

कौन कहता है के आसमां में छेद नहीं होता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों… मेहनत के दम पर असंभव को संभव कर कुछ भी हासिल कर लेने को चरितरार्थ करती, इस कहावत को अपनी प्रतिभा के दम पर हासिल करने की क़ाबिलियत रखने वाली बहुमुखी प्रतिभावान गीति गौड़ निरंतर सफलता के पायदान चढ़ती जा रहीं हैं । अपनी प्रतिभा के दम पर मुंबई में सुर्खियां बटोरने वाली गीति गौड़ अब ‘टाइम टी॰जी॰पी॰सी. ब्यूटी पेजेंट’ का खिताब हासिल करने की ओर अग्रसर हैं ।

गीति गौड़ बॉलीवुड में अपनी कला की साख जमा चुके हिमाचल के बेटे रोहिताश्व व डॉ रेखा गौड़ की संतान है। टीवी सीरियल ‘भाभी जी घर पर हैं’ में मुख्य किरदार निभाने वाले ‘तिवारी जी’ की अपार सफलता और एक सिलेब्रिटी की संतान होने का लाभ उठाने वाली सोच न रखकर, स्वयं अपनी मंजिल हासिल करने का दम भरने वाली बेटी गीति के प्रयास और मेहनत देख आज गौड़ दंपति अपने जिगर के टुकड़े पर गौरान्वित होकर सदैव उसके रक्षक बन आशीर्वाद का कवच के रूप में उसके साथ खड़े हैं और यही संपूर्णता गीति की सबसे बड़ी शक्ति है ।

कीकली ने गीति के अब तक की जीवन यात्रा को लेकर उनसे बातचीत की, इस दौरान गीति ने बेतकल्लुफ़ी से खुद के विचार साझा करते हुए भारत के सबसे बड़े ऑनलाईन पेजेंट मेँ टॉप 18 पर पहुँचने के साथ अब जीत की दहलीज पार कर खिताब हासिल कर सफलता की मंजिल पाने की आशाएं जताईं ।

मुंबई के गोकुलधाम हाई स्कूल गोरेगांव से अपनी प्रारम्भिक शिक्षा प्राप्त व विल्सन कॉलेज मेँ बारहवीं की छात्रा गीति ने न केवल कॉलेज द्वारा आयोजित कॉन्टेस्ट मेँ ‘मिस फ्रेशर अवार्ड’ जीता है बल्कि वे ‘बॉम्बे टाईम्स फ्रेश फेस कॉन्टेस्ट’ मेँ द्वितीय रनर अप के खिताब से भी नवाज़ी जा चुकी हैं । गीति कहती हैं,‘ भारत के सबसे बड़े ऑनलाईन पेजेंट मेँ भाग लेते हुआ अच्छा महसूस हो रहा है, सिटी ऑफ ड्रीम मुंबई मेँ सबके सपने पूरे होते हैं लेकिन यहाँ तक पहुँचने मेँ सबसे बड़ा रोल मेरे पेरेंट्स का रहा है जो मुझे मनचाही फील्ड मेँ सपोर्ट कर रहें है, मैं अपने मम्मी पापा का इस सहयोग के लिए धन्यवाद व्यक्त करती हूँ। सफल मॉडल व एक्टिंग मेँ करियर बनाने की चाह लिए गीति कहती हैं कि बहन और नानी समेत पूरे परिवार के सपोर्ट के बगैर वे कुछ नहीं । अपनों के साथ और आशीर्वाद से खुद की मेहनत ऊर्जावान होकर और अधिक बलवती हो उठती है ।

गीति कहती हैं, मुश्किलों से इंसान को हमेशा अकेले ही लड़ना होता है, जब मैं कॉलेज मेँ मिस फ्रेशर चुन कर आईं तो मुझे ट्रोल किया गया, खिताब को चैरिटी में प्रदान की गई सौगात तक कहा गया । इन सभी बातों ने मुझे बहुत रुलाया । गीति कहती हैं कि ऐसे समय में मेरी माँ ने मुझसे कहा कि यदि आप आज मुश्किल समय का सामना न कर रोओगे तो ये संसार आपका फायदा उठाएगा, तब मैंने खुद को संभालते हुए अलग अलग प्रतियोगिताओं में भाग लेकर खुद को प्रूव किया कि ये सम्मान चैरिटी में मिली कोई खैरात नहीं बल्कि गीति में कोई काबिलियत होगी तभी जीतीं, मनोवैज्ञानिक दृड़ता और मेहनत के दम पर आलोचकों को सोचने पर मजबूर कर दिया । गीति कहती हैं, मेरे पापा भी इसी फील्ड में हैं, अच्छा लगता है लेकिन मुझे अपने आपको इतना काबिल बनाना है कि मैं अपनी फील्ड में उंची स्टेज तक जाऊँ और मेहनत के दम पर ही सबका नाम रौशन करूँ ।

गीति की हॉबी में डांस, सिंगिंग व घुड़ सवारी शामिल हैं । गीति अपने एन॰जी॰ओ. के माध्यम से मजलूम व असहाय बच्चों एवं स्ट्रीट जानवरों की मदद करना चाहती हैं । वे भरतनाट्यम में परास्नातक डिप्लोमा प्राप्त हैं साथ ही उन्होंने कोकोबेर्री टैलेंट अकादमी से  अपना मॉडलिंग कोर्स भी पूरा किया है । वे एम टीवी के सभी शो पसंद करती हैं। विकी कौशल फ़ेवरेट एक्टर जबकि आलिया भट्ट उनकी फ़ेवरेट एक्ट्रेस रही हैं ।

गीति ने विचार साझा करते हुए कहा कि वे वर्ष में एक बार शिमला जरूर आती हैं, शिमला मुझे बेहद पसंद हैं वहाँ एक अलग सी वाइव हैं शिमला में मन खिल्ल उठता है । गीति कहती हैं कि शिमला की  लड़कियां बेहद खूबसूरत और टैलेंटेड हैं और जैसे वे अपने सपने को फॉलो कर रहीं हैं तो मैं उनसे कहना चाहूंगी कि,‘वे अपने पैशन और ड्रीम्स के पीछे भागें और यदि आप काबिल हैं तो यहीं पैशन और ड्रीम्स आप के पीछे खुद भागेगा बस कभी हिम्मत न हारें, कभी गलत रास्ते पर मत जाईएगा।’

करियर के प्रश्न पर गीति ने कहा कि वे टीवी सीरियल से हट कर मूवी और खासकर वेब सीरीज़ की ओर ध्यान दे रहीं हैं, उन्हें वेब सीरीज़ बेहद पसंद हैं । गीति न कहा कि वे महसूस करती हैं कि वेब सीरीज़ का कंटैंट, टीवी सीरियल से ज्यादा अच्छा है और मैं वेब सीरीज़ से काफी प्रभावित हूँ । गीति के अनुसार एक्टिंग की फील्ड में उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है साथ ही डायलॉग डिलिवरी व निर्देशन भी सीख पा रही हूँ और यदि भविष्य में वेब सीरीज़ में काम करने का मौका मिला तो मैं उस मौके को मिस नहीं करूंगी । गीति के अनुसार वे मॉडल बन कर मिस इंडिया बनने का ख़्वाब पूरा करेंगी साथ ही एक्टिंग में भी हाथ आजमाएँगी ।

गीति ने कहा कि इस समय उनका पूरा फोकस ऑनलाईन पेजेंट पर है जहां दिए गए टास्क उन्हें एक निर्धारित समय के भीतर पूरे करने होते हैं और इस प्रक्रिया में अच्छा या बुरा करने वाले प्रतियोगी को हटाया जाता है या फिर सफल करार दिया जाता है । इस प्रतियोगिता का फ़ाईनल सितम्बर माह की 27 तारीख को मुंबई में आयोजित होगा ।

उधर कला क्षेत्र की जानी मानी हस्ती व मुंबई में जन्मी रोहिताश्व की धर्मपत्नी डॉ रेखा गौड़ ग्लैमर की दुनियाँ से अच्छी तरह परिचित हैं ।  उनके मन में गीति के भविष्य को लेकर चल रहे मंथन की थाह पाने व ससुराल के रूप में हिमाचल से उनके प्रेम और योजनाओं को लेकर कीकली से उनकी गुफ्तगू के दौरान रेखा गौड़ ने कीकली से हर बात दिल खोलकर साझा की ।

रेखा ने कहा कि आरंभ में गीति को मेडिकल में जाकर सर्जन बनने की चाहत थी लेकिन आठवीं तक उसका निर्णय बदला और एक दिन उसने कहा, मम्मा मैं पापा की तरह एक्टिंग करूंगी । तब से हर अभिभावक की तरह हमने भी उसके निर्णय का सम्मान किया और उसे सपोर्ट कर रहे हैं । रेखा के अनुसार अपनी संतान के करीयर का निर्णय लेना हर अभिभावक के लिए मुश्किल होता है, फिल्म इंडस्ट्री बहुत प्रतियोगिता  से भरी पड़ी है । यहाँ कोई सफल होता है तो कोई नहीं भी, ऐसे में डिप्रेशन भी बहुत है। रेखा ने चंद्रयान मिशन में सौ प्रतिशत सफलता हासिल न कर पाने से उपजे दु:ख का उदाहरण देते हुए कहा कि मेहनत के बावजूद कभी कभी मनमाफिक सफलता हाथ नहीं आती इसी तरह अप एंड डाउनफाल की मौजूदगी ज़िंदगी की सच्चाई है। इसलिए किसी भी फ़ील्ड में टेलेंट है, पैशन है तो मेहनत जारी रखकर सामने आने वाले हर समय के लिए तैयार रहें, मुश्किल क्षणों पर पार पाकर आगे बढ़ने वाला ही वीर है और अभिभावक के नाते यही शिक्षा हमने गीति को भी दी है ।

रेखा आगे बताती हैं कि रोहताश्व और मैं सदा गीति को उदाहरण देकर वस्तुत: से अवगत करवाने का प्रयास करते हैं । हर मुश्किल पर विचार विमर्श कर हम हर मुश्किल से पार पाने की राह खोजते हैं । सफल इंसान के पीछे उसकी एक छुपी हुई कहानी जरूर रही है और गीति को यही समझाया जाता है कि जो दिखता हो जरूरी नहीं के वो सच्च ही हो, इसलिए उसे अलर्ट करते हैं, उसे टेम्पटेशन सीखना होगा । रेखा कहती हैं कि चैरिटी के कार्यों के दौरान गीति की मौजूदगी ने उसमें  बच्चों के प्रति प्यार और सहयोग की भावना विकसित हुई वहीं उसमें जानवरों से भी लगाव पैदा हुआ । रेखा कहती हैं, फिल्म इंडस्ट्री में टैलेंट आपको आगे भी ला सकता है लेकिन यहाँ संबन्धित डिग्री का होना भी लाजिमी है । ग्राउंड लैवल से सीख कर हर तरफ से योग्य होकर ही यहाँ सफलता पाई जा सकती है और मुझे खुशी है कि गीति इसी ओर अग्रसर है ।

रेखा कहती हैं रोहिताश्व आज एक सिलेब्रिटी हैं और उनके पापा स्वर्गीय सुदर्शन गौड़ शिमला के नाभा में रहते थे और थियेटर की दुनियाँ की जानी मानी हस्ती थे । स्वर्गीय सुदर्शन गौड़ ने कलाकार साथियों की समस्याओं को देखते हुए और कलाकारों के उत्थान के मकसद से वर्ष 1955 में आल इंडिया आर्टिस्ट एसोसिएशन (AIAA 1955) की स्थापना की और शिमला में आल इंडिया नाट्य एवं नृत्य प्रतिस्पर्धा के आगाज के साथ हिमाचल के नवोदित कलाकारों के थियेटर जीवन में उम्मीदों के रंग भरे ।

आज भी स्वर्गीय सुदर्शन गौड़ के बेटे रोहिताश्व व उनकी धर्मपत्नी डॉ रेखा गौड़ पिता के प्रयासों को गति देकर शिमला में हर वर्ष की भांति इस वर्ष बीते 6 से 10 जून तक 5 दिवसीय 64वां आल इंडिया नाट्य एवं नृत्य प्रतिस्पर्धा का सफल आयोजन करने में कामयाब रहे । डॉ रेखा चाहती हैं कि हिमाचल के बेटे रोहताशव की कला को हिमाचलवासी याद रखें और उन्हें प्यारे हिमाचलवासियों से वाजिब सम्मान मिले जिसके वे हकदार हैं ।

हालांकि डॉ रेखा गौड़ इस दौरान हिमाचल प्रसाशन से अपेक्षित सहयोग  न मिल पाने से नाखुश दिखाई देती हैं, आर्टिस्टस के ठहरने की कोई उचित व्यवस्था का प्रबंध न होना जैसी बाधाएँ मन को परेशान कर उठती हैं । रेखा के अनुसार कार्निवाल के दौरान अधिकारी राजेश्वर गोयल ने हमारा साथ दिया । लेकिन यदि जनता व सरकार सहयोग दे तो स्थानीय कलाकारों के सीखने के लिहाज से वे डांस, ड्रामा व एक्टिंग ट्रेनिंग के क्षेत्र से जुड़ी मुंबई की बड़ी कलाकार हस्तियों को हिमाचली जनता के बीच लाने का दम रखते हैं ।

रेखा ने कहा कि हिमाचल में कला से परिपूर्ण प्रतिभाओं की कमी नहीं है इस बीच कलाकारों को कई बार उचित ऑडिटोरियम की व्यवस्था नहीं हो पाती तो अनेकों बार कलाकारों को स्टेज संबन्धित फीस की दिक्कत का भी सामना करना पड़ता है। कलाकारों की इस समस्या को देखते हुए रोहिताश्व और मैं आने वाले समय में शिमला के आस पास पापा सुदर्शन गौड़ के नाम से एक ऑडिटोरियम की स्थापना करना चाहते हैं और अपने इस सपने को साकार रूप देने के लिए प्रयासरत भी हैं। रेखा कहती हैं कि हिमाचल से गीति व उनकी छोटी बेटी संजिति का विशेष लगाव है । कुछ भी हो जाए दोनों बेटियाँ हिमाचल का वार्षिक टूअर कभी मिस नहीं करती ।

हिमाचलवासियों को भी चाहिए कि वे असुरक्षा की भावना को त्याग कर अपनी माटी से जुड़ी कला व कला के इन मालिकों से एक जुड़ाव और सहयोग को जन्म देकर प्रेम व सत्कार दें, जिसकी ये हस्तियाँ सही मायनों में हकदार भी हैं ।

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