कीकली ब्यूरो, 21 सितम्बर, 2019, शिमला

आज शिमला जिला के लाल बहादुर शास्त्री राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सरस्वतीनगर (सावड़ा) और हिमालय साहित्य संस्कृति और पर्यावरण मंच के सह आयोजन के तहत साहित्य संवाद व कविता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ कहानी और कविता पर बहुत सार्थक सम्वाद हुआ। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लेखकों तथा कवियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का आगाज़ मुख्य अतिथि एस. आर. हरनोट व अध्यक्ष द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके पश्चात अध्यक्ष प्राचार्य पी पी चौहान द्वारा मुख्य अतिथि को हिमाचली टोपी पहना कर उनका सम्मान किया गया। कार्यक्रम अध्यक्ष ने स्वागत सम्बोधन में कहा कि इस तरह के आयोजन भविष्य में भी बच्चों की रचनात्मकता के लिए होते रहने चाहिए।
जिसमें कॉलेज के छात्र प्रतिभागियों वर्षा, वनिता, उर्मिला, साक्षी, माधुरी, अमित, विपुल, भूपेंद्र, रविकान्त, रा. व. मा. वि. झड़ग नकराड़ी की छात्रा टीना बंटा ने अपनी कविता पाठ कर अतिथि लेखकों व उपस्थित दर्शको के मध्य खूब वाहवाही लूटी। कॉलेज की शिक्षिका डॉ. पूनम मेहता ने कविता ‘पुलकित हो उठा मेरा मन’ पढ़ी।

कहानी सत्र देविना अक्षयवर के  कहानी पाठ से हुआ। इसके पश्चात हरनोट ने आयोजकों तथा बच्चों के आग्रह पर पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति सचेत करती कहानी ‘आभी’ का पाठ किया और उस पर बच्चों से बातचीत भी की गई। डॉ. निर्मला चौहान ने आभी कहानी पर अपनी समीक्षा पढ़ी।

आयोजन का दूसरा सत्र कविता पाठ और कविता कार्यशाला के रूप में था। जिसमें शिमला से आये कवियों कुल राजीव पंत, आत्मा रंजन, धनंजय सुमन, सतीश रतन, स्नेहलता नेगी, वंदना राणा, दीप्ति सारस्वत, इंदु वैद्य, कल्पना गांगटा, अभिषेक तिवारी, कुलदीप गर्ग ‘तरुण’, नरेश देयोग, कौशल मुंगटा और रीना भारद्वाज ने अपनी अपनी कविताएं, ग़ज़ल व लघुकथा सुनाकर सभागार में उपस्थित दर्शकों में समा बांध दिया। इसके बाद ‘कविता संवाद’ हुआ, जिसमें वरिष्ठ कवि आत्मा रंजन ने स्रोतविद के रूप में विद्यार्थियों से कविता लेखन की बारीकियां जिज्ञासु विद्यार्थियों के साथ साझा की। उन्होंने कविता विधा में नवोदित कवियों के लिए अत्यंत उपयोगी और सार्थक बातें की।

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