December 11, 2019
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Sitaram Sharma

दुनिया

सीताराम शर्मा सिद्धार्थ संभल के चल इस डगर  चाहतें दम तोड़ती हैं यहां, रख तेज नजर पंखों पे हवा भी रुख बदलती है यहां, सेहत के लिए खराब  है कितना भी लिख लो, फिर भी ...
अभिमन्यु कमलेश राणा

पतंग की डोर

अभिमन्यु कमलेश राणा उसे ढील दो है पतंग की डोर जो छूना चाहते गर आसमानों को औरों को भी उड़ने दो पेंच लड़ाने उलझे जो थाम लोगे अपनी उड़ान को सफर उन्हें भी तय करने दो काट दी भी...