रोशन लाल पराशर, लोअर फागली शिमला

नई उमंग के साथ जियो,
ऊर्जा यों मत व्यर्थ गवाओ ।
आगे बढ़कर लो ज़िम्मेवारी,
अलग से निज पहचान बनाओ ।।
नन्ही सी मकड़ी से सीखो,
उस जैसी फिर लगन लगाओ ।।
हार न मानो जीवन में,
चाहे गिरो, लेकिन उठ जाओ ।।
शिखर नमन भी करते हैं,
मुश्किलें रौंद कर चढ़ जाओ ।
पिछड़ के पीछे मत रहना,
दोगुने जोश से कदम बढ़ाओ ।।
परिन्दे भी दें संदेश यही,
उड़ना है तो पंख फैलाओ ।
अडिग रहो, आत्मबल पर,
विजय पताका यश की फहराओ ।।

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here